कभी आप ने सोचा है की हम २१वि सदी मैं क्यो जी रहे हैं ।क्योकि यहाँ हम अपनी बच्चो को आदर्श ओउर संस्कार नही बल्कि मध्यम वर्गीय परिवार से उठ कर हाई सोसाइटी मैं उपजे हुए नए ओउर युवा जनरेशन पैदा कर रहे हैं .कभी वक़्त होता था की हम अपने परिवार के साथ बात करते थे ओउर साथ मैं बात कर टीवी देखा करते थे
" हम लोग, दूसरा केबल , उडान , पचपन खंभे लाल दीवारे सरीखे ओउर मन मैं भक्ती रस भर देने वाले रामयण , महाभारत , ओउर कितने ही उम्दा किरदारों वाले प्रोग्राम आया करते थे दूरदर्शन पर पर अब वो सब दूर के ही दर्शन भर रह गए हैं ।
एकता कपूर का कुछ दिनों पहले मैंने एक लेख पड़ा था इंडिया टुडे पर जिस मैं उस ने ये लिखा था की आज की औरत किसी से कम नही है वो जाग उठी है ओउर पता नही क्या क्या बकवास मैं ये बताना चाहता हु की आज की औरत कितना जाग गई है की वो मान मर्यादा तक भूल गई हैं । कुछ ब्लॉग को मैं कुछ दिनों से खगाल रहा था तो औरत का सिर्फ़ ओउर सिर्फ़ एक ही तस्वीर दिखाई दी वो ये हैं (ब्लॉग )।
ओउर एकता कपूर की हर सीरियल मैं औरत की शादी दो तीन बार तो हो ही जाती हैं। पहले शादी हीरो की साथ होती हैं फिर उस के दो या तीन भाइयो के साथ फिर भे मजा नही आता तो बाप के साथ भी कर सकती है रही सही कसर विलन के आने के बाद उस से भी शादी कर के पुरी हो जाती हैं । वहा एकता तेरे ख़ुद के सीरियल मैं एकता नही हैं तो काहये ओउरो की जिंदगी मैं आग लगा रही हो ।


1 comments:
विजय शर्मा जी ,आप ने सब कुछ सही कहा, मेने या मेरे परिवार ने आज तक इस बीमारी का कोई नाटक तो नही देखा, लेकिन सुना जरुर हे कि यह आज की नारी को बरबाद करने पर तुली हे,अपना घर तो बसा नही पायेगी दुसरो का जरुर उजाड देगी,नारी जब तक कोमल, ममता, प्रेम ओर दया से भरपुर हे तभी वो पुजनिया हे, जब यह गुण नही रहेगे,तो उसे नारी कोन कहेगा,
धन्यवाद
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